Monday, 16 October 2017

तू त रहलू मन क उदगार बिटिया !

Posted by मंगलज्योति at October 16, 2017 0 Comments

       तू त रहलू मन क उदगार बिटिया !
कविता : श्री जय प्रकाश द्विवेदी जी 

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