Saturday, 14 October 2017

शब्द सुक्तियां

Posted by मंगलज्योति at October 14, 2017 0 Comments

एक छोटी सी मुस्कुराह देने ,प्यार किसी से करने मे कैसी शर्मिदंगी ,अगर ए ना रहा तो सारे अासक्ति ,साधनाए,अाराधना व्यर्थ हैं।
 
जीवन सत्य अडिग हैं,
जस छण भर की बात !
लाख जतन माया करे,
अंत बस खाली हाथ !!

Love & Respect yourself, your Family, Pets and Nature... Not People.. because... People just Loves & Respects Money and Success... not you.
Dinesh Tiwari

आप भी अपनी कविता, कहानियां ,लेख अन्य रोचक तथ्य हमसे फेसबुक /ट्विटर ग्रुप में शेयर या
इस Email👉 mangaljyoti05@outlook.com पर भेज सकते हैं !

अपडेट प्राप्त करे

नए लेख के लिए सब्सक्राइब करिये ,हम कभी भी आपका ईमेल पता साझा नहीं करेंगे.

0 comments:

समाज उत्थान हेतु दान पात्र

Subscribe

Archive

Translate

Views

Copyright©2017 All rights reserved मंगलज्योति

back to top