Monday, 5 February 2018

प्रदूषण की मार...

Posted by मंगलज्योति at February 05, 2018 0 Comments

***प्रदूषण की मार***
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Pollution of Politics
प्रदूषण की मार बहुत है।
क्योंकि शहर में कार बहुत है।

आड इवीन सचमुच अच्छा है 
पर इस पर तकरार बहुत है।

टैक्स बढाने को लेकर के
संजीदा सरकार बहुत है।

आंखों से जो मदिरा पी है
उसका अभी खुमार बहुत है।

गुजरा नहीं कारवां फिर भी
शहर में अभी गुबार बहुत है।

इस घर में दो प्राणी रहते
पर घर का आकार बहुत है।

कौन भला सच कहने वाला
कहने को अखबार बहुत है।

'खेतान' से मत पंगा लेना
उसकी कलम में धार बहुत है।
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 Jagdish Khetan
 Gorakhpur,India

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