Friday, 13 April 2018

नवका पीढी के सतुआ भूजा करछावे

Posted by मंगलज्योति at April 13, 2018 0 Comments

★★सड़क चाकर होता★★ भोजपुरी-76
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नवका पीढी के सतुआ भूजा करछावे
सड़क चाकर होताटे पेड़ कटल जाता !
आबादी बढल जाता खेत बंटत जाता !!

अपने जवारे मजूरी करत सरम लागे !
परदेस जाके सगरो सरम छूट जाता !!

तकनीकी अदमी जे इंहवां बेकार बा !
जाके विदेसवा मे उहे खूब कमाता !!

ढेंका, जांता आ चाकी निपता भइल !
मसीने के पीसल आटा सब खाता !!

गाय भइंस के पोसे, के जांगर खरचे !
यही से सबके ब्लडप्रेसर हो जाता !!

दूध मे पानी बा कि मिलावट भइल बा !
इ हमके तनीको समझ मे न आवता !!

धमकी गोलबंदी से कइके चंदा वसूल !
रात भर सुनावे कनफोड़ू जगराता !!

नवका पीढी के सतुआ भूजा करछावे !
पिज्जा बरगर मोमो कटलेट उ खाता !!

बाइक रफ्तार से चलावे बिना हेलमेट !
भिड़ावेला कस के सवरग चल जाता !!

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Jagdish Khetan
Kapataganj, India

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