Sunday, 4 November 2018

भूख भय भ्रस्टाचार

Posted by मंगलज्योति at November 04, 2018 0 Comments

 #भूख....


भूख भय भ्रस्टाचार 
बाबूजी बाबूजी बहुत भूख लगी है...
कमीने भाग यहा से..हाथ पैर सलामत है भीख मांग रहा,कुछ काम धाम करो....
सेठ जी,सेठ जी बहुत काम खोजा.. बहुत बहुत😢
थक गया साब थक गया..
बहुत भूखा हु सेठ
जाते हो या फिर बहादुर देखो जरा.....
तोड़ दो हाथ पैर सेठ तोड़ दो
दिल दिमाग आत्मा तो पहले ही टूट चुकी है...😢
एक शरीर ही तो बचा है,और उस पे ये पेट

#भय...

बहुत भूख लगी है न मुन्नी बहुत...😢
हा भैया..
सोचता हूं बहन किसी दुकान से ब्रेड चुरा लू भाग चलु,कोने में बैठ दोनो खाएंगे...
नही नही मुन्नी नही डर सा लगता है दुकानदार पकड़ लिया तो मार ही डालेगा,और फिर पुलिस के हवाले यानी
हाथ पैर गए काम से....😢

#भ्रस्टाचार ...

चलो पेट ही तो कुछ तो करना पड़े सोचता हूं कुछ कर के दिखाऊ,जो हो रहा वही कर के दिखाऊ...
न इसमें भूख है
न इसमें भय है
जो भी लिप्त है इसमें
वो निर्भय है....
आओ भ्रस्ट बन जाये
देश के लिए न सही
अपने लिए कुछ कर जाए👍

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          शत्रुंजय तिवारी 
          दुर्ग ,छत्तीसगढ़  


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