Wednesday, 25 April 2018

आना है तुम्हारे पास बस एक बार

Posted by मंगलज्योति at April 25, 2018 0 Comments

आना है तुम्हारे पास
बस एक बार.....
********************


             आना है तुम्हारे पास बस एक बार....
मिलना तो है तुमसे एक बार 
वर्ना अधूरी रह जायेगी एक आस
अपनी सारी ख्वाहिशों को
यही छोड़ कर आऊँगी
कुछ नई यादें जो लानी है वहां से
बस तुम कोई सवाल मत करना
मेरा ज्यादा ख्याल भी मत रखना
वर्ना लौट नही पाऊँगी
बस देखना है उस कस्तूरी को 
जो है तुम्हारे पास 
जिसकी सुगंध ने मदहोश कर
खींच लिया था मेरे वैरागी मन को
जाग गई थी इच्छाएं 
खुद को खोकर तुम्हे पाने की
क्या ये सिर्फ इच्छा थी
या उस कस्तूरी से कोई 
पुराना नाता है मेरा 
इन प्रश्नों के उत्तर लेने तो 
आना है तुम्हारे पास
बस एक बार.....
********************










वंदना शर्मा 
उज्जैन 

आप भी अपनी कविता, कहानियां ,लेख अन्य रोचक तथ्य हमसे फेसबुक /ट्विटर ग्रुप में शेयर या
इस Email👉 mangaljyoti05@outlook.com पर भेज सकते हैं !

अपडेट प्राप्त करे

नए लेख के लिए सब्सक्राइब करिये ,हम कभी भी आपका ईमेल पता साझा नहीं करेंगे.

0 comments:

समाज उत्थान हेतु दान पात्र

Subscribe

Archive

Translate

Views

Copyright©2017 All rights reserved मंगलज्योति

back to top