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पुरूष की अगली पीढी को गर अपना मान बचाना है

दहेज मे साली .. अन्तिम किस्त------

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जो पुत्र कमाऊ और काबिल होंगे
उनकी ही बड़े मशक्कत से शादी होगी।
बेकार और नालायक लड़कों की तो
यूँ समझो पूरी की पूरी बरबादी होगी।।

बैदिककालीन स्वयंवर का प्रचलन
एक नये रूप मे आयेग।
दुल्हा तब केवल दुल्हन के
इन्टरव्यू से चुना जायेगा।

लड़कियों के दहेज मिलने से
वेश्यालय कम हो जायेंगे।।
जो थोड़े होगें उनमे भी
पुरुष ही नचाये जायेंगे।

कुछ महिलाएॅ दो दो तीन तीन
पुरुषों से ब्याह रचायेंगी।।
और हर शादी से अच्छा खासा
दहेज भी वे पायेंगी।।

कुछ पुरुष विदेशों मे जाकर
लिंग बदलवा आयेंगे।।
व तकनीकी कमाल से वो
नर से नारी बन जायेंगे।।

कुवांरेपन का दर्द खत्म करके
वो भी अब ब्याह रचायेगी।।
व शादी मे वो अच्छा खासा
दहेज भी तब पायेंगी।।

तब पुरूष वर्णशंकर होकर रह जायेगा।
तब नारी से वो नित्य बेलने खायेगा।।

समाज उलट पुलट कर तब
हो जायेगा नारी प्रधान।।
पुरूष निरीह हो जायेगा
घटता जायेगा आन बान।।

पुरूष की अगली पीढी को
गर अपना मान बचाना है।।
तो लड़कियों के एबार्शन पर
उसको ही रोक लगाना है।।

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Jagdish Khetan
Kapataganj,India

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