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रिश्तों में रवायत बनी रहे


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पास रहे या दूर रिश्तों में रवायत बनी रहे !
अपनों पर अपनों की हिदायत बनी रहे !!

देखो ज़रा भूलाकर ,नफरत को दिलों से !
एक दूसरे पर थोड़ी सी इनायत बनी रहे !!

लूटपाट से कब खत्म हुई ,मुफलिसी यारों !
इंसानों में इंसानियत की शराफत बनी रहे !!

बदज़ुबानी का जवाब बदज़ुबानी तो नही !
गुस्से में भी ज़ुबा पर तेरे,लियाक़त बनी रहे !!

छोड़ कर वहशियत ,अब नेक राह चल !
तेरे वजूद पर,ख़ुदा की हिमायत बनी रहे !!

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Vandana Sharma

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