Friday, 13 April 2018

ये सब दुनियादारी है

Posted by मंगलज्योति at April 13, 2018 0 Comments


MJImage#01
भगवा को भी बेच् रहे हैं एेसे शातिर चोर हैं !
बेईमानो मक्कारों का अबतो पूर्कस जोर हैं!!

धर्म और अास्था का भी बिजनेश खूब चल रहा हैं!
रोज नया प्रोपेगंडा भी प्रतीमांनो मे ढल रहा है !!

खैर नहीं अब इस मजहब की हिन्दू,मुस्लिम बनाया है!
बिद्वैष की राजनीती ने हम सबको भरमाया है !!

प्रेम और सौहाद्र नहीं है अब कोई त्योहारों में !
नहीं एकता दिखती है अब मनुज ब्योहारों में !!

किंचित ही मन ब्याथित हो रहा ये सब दुनियादारी है!
आज नहीं तो कल "करन" बस तेरी ही बारी है !!

*******************










Karan Tripathi
India

आप भी अपनी कविता, कहानियां ,लेख अन्य रोचक तथ्य हमसे फेसबुक /ट्विटर ग्रुप में शेयर या
इस Email👉 mangaljyoti05@outlook.com पर भेज सकते हैं !

अपडेट प्राप्त करे

नए लेख के लिए सब्सक्राइब करिये ,हम कभी भी आपका ईमेल पता साझा नहीं करेंगे.

0 comments:

समाज उत्थान हेतु दान पात्र

Subscribe

Archive

Translate

Views

Copyright©2017 All rights reserved मंगलज्योति

back to top