Sunday, 17 May 2020

वही तो असली प्रकृति

Posted by मंगलज्योति at May 17, 2020 0 Comments

वही तो असली प्रकृति
जहाँ जाने के बाद वापस आने का मन ना करे
जितना भी घूम लो वहाँ पर कभी मन ना भरे
हरियाली, व स्वच्छ हवा भरमार रहती है जहाँ
सच में वही तो असली प्रकृति कहलाती है ।

जहाँ पर चलती गाड़ियों की शोर नही गूंजती
जिस जगह की हवा कभी प्रदूषित नही रहती
सारे जानवरों की आवाजें सदा गूंजती है जहाँ
सच में वही तो असली प्रकृति कहलाती है ।

जहाँ नदियों व झड़नों का पानी पिया जाता है
जहाँ जानवरों के बच्चों के साथ खेला जाता है
बिना डर के जानवर विचरण करते हैं जहाँ
सच में वही तो असली प्रकृति कहलाती है ।

पहाड़ जहाँ सदा शोभा बढ़ाते हैं धरती की
नदियाँ जहाँ सदा शीतल करती हैं मिट्टी को
वातावरण अपने आप में संतुलित रहता है जहाँ
सच में वही तो असली प्रकृति कहलाती है ।
*************************************
Avatar
सौरभ कुमार ठाकुर (बालकवि एवं लेखक)
         मुजफ्फरपुर, बिहार

आप भी अपनी कविता, कहानियां ,लेख अन्य रोचक तथ्य हमसे फेसबुक /ट्विटर ग्रुप में शेयर या
इस Email👉 mangaljyoti05@outlook.com पर भेज सकते हैं !

अपडेट प्राप्त करे

नए लेख के लिए सब्सक्राइब करिये ,हम कभी भी आपका ईमेल पता साझा नहीं करेंगे.

0 comments:

समाज उत्थान हेतु दान पात्र

Subscribe

Archive

Translate

Views

Copyright©2017 All rights reserved मंगलज्योति

back to top